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नवजात शिशु (छोटे बच्चे) की मालिश करने के सही तरीके

प्राचीन काल से ही हमारी सभ्यता में बच्चे की मालिश की जाती रही है. बच्चे की मालिश करने के बहुत से फायदे होते हैं जैसे की इससे हड्डियाँ और मांसपेशियाँ मज़बूत होती है. माँ अगर अगर अपने बच्चे की मालिश करती है तो बच्चे और उसकी माँ में आपसी सम्बन्ध में और प्यार बढ़ता है. बच्चे की मालिश करना हमारी देश में सदियों से चला आ रहा है और हमारे पूर्वजों से हमें इसके गुण और कारण भी बताए हैं. मालिश करने से बच्चे का वजन बढ़ता है, बच्चे की थकान दूर होती है, वो ज्यादा चिडचिडा नहीं होता, शारीरक रूप से विकसित होने में मदद मिलती है और साथ ही बच्चे को बिमारियों से लड़ने की ताकत भी देती है. अगर बच्चे को नींद नहीं आती हैं तो भी मालिश करना अच्छा रहता है जिससे उसको अच्छी नींद आती है जो छोटे बच्चों के लिए सबसे फायदेमंद है. माँ द्वारा अपनी बेटी को मालिश करने की सिख दी जाती है और वो बेटी फिर आगे अपने बेटी को ये सलाह देती है. इस तरह ये परम्परा आगे बढ़ती चली जा रही है.  दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको बतायेंगे की अगर आपके घर में कोई नवजात शिशु है या फिर आने वाला है तो उसकी मालिश कैसे करें और किन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है.

Baby Massage

बेबी को कहाँ मालिश करनी चाहिए – Baby ko Kahan Malish Karni Chahiye

बच्चे को मालिश करने के लिए इन बातों का ध्यान अवश्य रखें की कभी भी बच्चों को दूध पीने के तुरंत बाद और सोने समय मालिश न करे. मालिश करते हुए आपको ये भी पता होना जरुरी है की मालिश बच्चे के किस हिस्से पर की जानी चाहिए जिससे उसको शारीरिक विकास में मदद मिले आइए हम आपको बताते हैं की बच्चे को मालिश कहाँ करनी चाहिए.

  • छाती पर
  • पीठ पर
  • टाँगों पर
  • पैरों में
  • एड़ी पर
  • पैरों की उँगलियों में
  • भुजाओं पर
  • हाथों में
  • हाथ की उँगलियों में

अच्छी तरह से मालिश करें – Achi Tarah Se Malish Kare

  1. सबसे पहले आप अपने बच्चे को एक ऐसी आरामदायक स्तिथि में लेता दें ताकि वो comforable महसूस करे और साथ ही उसे लेटने का स्थान भी आरामदायक हो इसका भी ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है. अगर आप सर्दियों में मालिश कर रही हैं तो और धुप नहीं है तो आपको अपने बच्चे की मालिश के लिए गर्म कमरे का चुनाव करना चाहिए. और अपने बच्चे की मालिश के लिए उसको निचे ज़मीन पर कम्बल बिछाकर मालिश करने की बजाए अपने bed पर ही किसी हलकी चादर को या कम्बल को बिछाकर आप अपने बच्चे की मालिश कर सकती हैं.
  2. अपने बच्चे को मालिश करने के लिए आपको हल्के हाथों से उसकी मालिश करनी चाहिए. आप हल्के हाथों से उसके पुरे शरीर पर मालिश कीजिए. याद रखें की आपको ज्यादा दबाव नहीं डालना है मालिश करते समय आपको मकसद बच्चे के शरीर में हो रही दर्द को कम करना नहीं है बल्कि उसको आराम पहुँचाना है.
  3. अपने हाथों को घुमावदार दिशा में घुमाते हुए मालिश करें या फिर ऐसे मालिश करें जैसे की आप आटा गूँथ रहे हों. बच्चे की टांगो में ऊपर से नीचे की और या फिर घुमावदार तरीके दोनों में से कोई भी या फिर दोनों तरह से मालिश करना ठीक रहता है.
  4. अगर आप बच्चे की मालिश कर रही हैं तो याद रखें की उसे आरामदायक मालिश दें और बिलकुल भी गुदगुदाएँ नहीं क्योंकि गुदगुदाने से उसे अच्छा feel नहीं होगा.

मालिश करने के लिए समय – Malish Karne Ke liye Samay

  1. आप बच्चे को दिन में नहाने के बाद या फिर दिन या रात को सोने से पहले मालिश कर सकती हैं जो सबसे उचित समय है मालिश करने का. अगर आप इन समय पर मालिश करती हैं तो आपके बच्चे को बहुत ही राहत मिलेगी और वो आराम से सो भी जाएगा.
  2. जब आपको लगे की वो ज्यादा चिडचिडा हो रहा है और रोने से रुक नहीं रहा है तो आप उसे उस समय मालिश दें. मालिश करने से पहले आप इस चीज़ का अवश्य ध्यान रखें की कहीं वो भूख की वजह से तो चिडचिडा नहीं हो रहा है तो उसे पहले खाना खिला लें. खाना खिलाने के 50 मिनट के बाद ही बच्चे की मालिश करना सही रहता है. और इस बात का जरुर ध्यान कर लें की बच्चे के चिडचिडे होने की कुछ और वजह तो नहीं तो उसे भी पूरा करें.
  3. अगर वो मालिश के समय अपनी शरीर को मोड़ लेता है या अपने हाथों से आपका हाथ हटाने की कोशिश कर रहा है तो आप उसके साथ ज़बरदस्ती न करें और उस समय मालिश करना का विचार छोड़ दें. अगर आपको लगता है की मालिश करते समय उसके शरीर के किसी हिस्से हो चुने से वो हटा रहा है तो हो सकता है की उसे उस हिस्से में दर्द का अनुभव हो रहा हो तो ऐसे में आप किसी doctor से बच्चे को ज़रुरु दिखाएँ.
  4. मालिश का समय शुरू में 5 मिनट ही रखें और धीरे-धीरे बढ़ाते हुए इसे 30 मिनट का कर दें. मालिश करने से आपके बच्चे का शारीरक और मानसिक विकास अच्छे से होता है और अगर आपको लगता है की आपके बच्चे को मालिश करने के बाद अच्छी नींद आती है तो ये उसके लिए भी बहुत फायदेमंद है क्योंकि अधूरी नींद की वजह से भी बच्चा चिडचिडा हो जाता है.

Baby ki Malish Ke Tips – छोटे बच्चे की मालिश के टिप्स

  • जब भी आप अपने बच्चे की मालिश करें तो उसे धूप में लेटाकर करें क्योंकि धूप में लेटाकर मालिश करने से धूप की किरणों से आपके बच्चे को vitamin d भी मिलता है जिससे बच्चे की हड्डियाँ मजबूत होती है और साथ उसकी मालिश किया गया तेल भी जल्दी शरीर में observe हो जाता है.
  • अगर आपका बच्चा ज्यादा कमज़ोर है जो आपको बादाम के तेल से उसकी मालिश करनी चाहिए.
  • बच्चे की मालिश के लिए आपको जैतून के तेल, मक्खन का उपयोग करना अच्छा है अगर आपके पास ये उपलब्ध नहीं फिर आप सरसों के तेल या फिर नारियल के तेल का उपयोग भी बच्चे की मालिश के लिए कर सकते हैं.

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