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बच्चों को समझदारी से बढ़ा कैसे करें – How to Grow Child Gently

दोस्तों कैसे हैं आप सभी? हमें बहुत ख़ुशी हो रही है की आप लोगों को हमारे articles बहुत पसंद आ रहे हैं और रोज़ाना इसे पढ़ने के लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है. आज का हमारा topic है की अपने बच्चों की को आप कैसे बढ़ा करें. अगर आपके घर भी कोई नवजात शिशु अभी अभी आया है तो आपको हमारी तरफ़ से बहुत-बहुत बधाई हो. मगर हम आपको यहाँ बताना चाहेंगे की बच्चे को पैदा करना जितना आसान है उसे पालना उतना ही ज्यादा मुश्किल है. हम यहाँ पर उसके खाने पीने या फिर कपड़े पहनने की बाद नहीं कर रहे क्योंकि मुझे पता है की आपमें से कुछ ऐसे होंगे जो सोचते हैं की हम ये सभी ज़रूरतें पूरी कर रहे हैं तो हम अच्छे parents हैं. अगर आप ऐसा सोच रहे हैं तो आप एकदम गलत हैं. अपने बच्चे की सही परवरिश का मतलब है की आप उसे कैसे माहोल में रख रहे हैं. वैसे तो बच्चे की परवरिश सही से करने का कोई तरीका तो नहीं होता मगर कुछ चीज़ें होती हैं जिनका आपको खासतौर पर ध्यान रखना होता है. आज के दौर में देखा गया है की parents अपने बच्चे से खुश ही नहीं रहते, बच्चा कितनी भी अच्छी performance देने की कोशिश करे, parents के लिए वो कोई मायने नहीं रखता. आज के इस आर्टिकल की मदद से हम आपको बतायेंगे की ऐसी कौन से चीज़े है जो आपको अपने बच्चे के के बारे में ध्यान रखनी चाहिए जिससे की आपका बच्चा आपको सही से understand भी कर पाए और उसके व्यक्तित्व का सही से निखार भी हो सके.

Good Parenting

1. एक परिवार की तरह खाना आयें

आजकल देखा गया है की ज्यादातर परिवार एकसाथ बैठकर खाना नहीं खाते, ये बिलकुल गलत बात है. अपने घर का माहौल शुरू से ही ऐसा बनाएँ की सब मिलजुल कर एक साथ भोजन करे क्योंकि यही एक ऐसा मौका होता है जब आप अपने घर में कुछ अनुशासन लागू कर सकते हैं. अगर आपका बच्चा खाना खाते हुए कुछ शरारतें कर रहा है तो उसे टोकिए मत क्योंकि ऐसा करने से उसकी साथ भोजन करने में इच्छा कम होने लगेगी. आप भोजन करने को interesting बना सकते हैं अपने बच्चे से ये पूछकर की मुझे कौन सी सब्जी लेनी चाहिए, बेटा एक रोटी देना मुझे, बेटा तुमने तो आज अच्छे से खाना finish कर लिया. इससे बच्चे का interest और बढ़ता है. आप खाने के टेबल में बच्चे को भी कुछ काम करने को दे सकते हैं जैसे बेटा खीरा धोके लाओ, एक खाली गिलास या फिर चम्मच लेकर आना. बच्चों को ऐसे काम करने में बहुत मजा आता है. लेकिन अगर आपका बच्चा बढ़ा है तो आप उससे थोड़े ज्यादा काम करवा सकती हैं. खाते समय बच्चे के साथ थोड़ी बहुत बातें करें जिससे उसको एकसाथ भोजन करना अच्छा लगने लगे.

2. जो बनना चाहें बनने दें

आपका बच्चा जो भी चाहता है उसे बनने दें. कभी भी अपने बच्चे को वही सब करने पर मजबूर न करें जो आपने अपनी life में किया. हर किसी का अपना सोचने का तरीका और भाग्य होता है. अगर आपका बच्चा कुछ हटकर सोच रहा है तो उसे वैसा करने दें. उससे ये expect ना करें की जैसे आपने साड़ी उम्र नौकरी की वो भी करे या फिर आप ज्यादा कमाते हो और वो कम कमाता है. बस इस बात से ख़ुश रहें की जो आपके लड़के को अच्चा लगे, वो वही करे.

3. सोने का एक नियम रखें

अपने बच्चों को समय पर सोने के आदत डालें और सुबह उन्हें दल्दी उठने की आदत डालें. मगर आपका अपने बच्चे को रात को सुलाने का समय ऐसा होना चाहिए की सुबह उठने तक उसकी नींद पूरी हो सके क्योंकि अगर बच्चे की नींद पूरी नहीं हुई होगी तो वो अपनी class में भी concentrate नहीं कर पाएगा. Research में भी ये पाया गया है की जिन बच्चों की नींद पूरी नहीं हो पाती उनकी study में 10-20% गिरावट आ जाती है. बच्चे को सुलाने से पहले उसे कोई किताब पढ़कर सुनाएँ. अगर सम्भव हो सके तो उसे राजा-रानी की कहानी के बदले कोई motivation story सुनाया करें. किसी ऐसे character के प्रति उसकी रूचि जगा दें जो लोगों के लिए प्रेरणात्मक हो. ताकि वो शुरू से ही अपने आपको उनके उसूलों पर ढालना शुरू कर दे.

4. प्यार-भरा और मददगार माहौल बनाइए

अगर आप डरे हुए या फिर किसी बात को चिंतित होते हुए दिखेंगे तो आपके बच्चे की मानसिकता पर गलत प्रभाव पड़ता है. आपके बच्चे की मन में ऐसी बातें बहुत ही जल्दी घर कर जाती है. आप अपने घर में प्यार भरा और खुशनुमा माहौल बनाकर रखें. जिससे आपका बच्चा भी एक हंसमुख चरित्र वाला और positive सोच वाला बन सके जो कितनी भी मुसीबत हो उसका सामना ख़ुशी-खुसी कर सके.

5. अपने बच्चे की हर बात को सुनें

अगर आप अपने बच्चे की ज़िन्दगी में अपना एक अच्चा प्रभाव छोड़ पाएँ तो ये आपकी ज़िन्दगी की सबसे बड़ी उपलब्धि है क्योंकि अपने बच्चे को अपने से अलग कर देना बहुत ही आसन है मगर उसकी हर बात को सुनना और उसकी गलतियों पर भी उसको एक positive response देना ही एक पिता का असल कर्तव्य है. अगर आप अपने बच्चे की गलतियों पर उसे डांटेंगे तो वो आपसे मन ही मन घृणा करना शुरू कर देगा. बल्कि उसकी अपनी life अपने हिसाब से ज़ीने का अवसर दें. वो जो भी कुछ करना चाहता है या आपको अपनी feelings बताना चाहता है तो उसे पुरे interest के साथ सुनें और उसे डांटने की बजाए उसे ऐसा दिखाएँ की आप उसके साथ हैं.

6. सच्चा प्यार दें, हर मांगी हुई चीज नहीं

यहाँ पर हमारे कहने का मतलब ये है की अक्सर लोग भावनाओं में बहकर अपने बच्चे की हर छोटी बड़ी जिद को पूरा कर देते हैं मगर हम आपको कहना चाहते हैं की अगर आप उसकी हर मांगी हुई चीज़ को उसको लाकर देने लगेंगे तो आप उसे बिगाड़ देंगे. अगर आप सच में उसे प्यार करते हैं तो उसके लिए वो चीज़े लेकर आएँ जो उसके लिए ज़रूरी है बजाए इसके की आप उसकी हर चीजों को पूरा करें. अगर आप उससे सच में प्यार करते हैं तो उसे भी unconditionally प्यार करने की कुछ बातें सिखाएँ. ये ज़रूरी नहीं है की आप उसे कुछ खिलोने लेकर दे रहे हैं तो ही वो सोचता है की पापा अच्छे हैं. उसे really में अच्छा क्या होता है और सच्चा प्यार क्या होता है ये समझाएँ.

7. अपने बच्चे की हर गतिविधि में शामिल रहे

ये बहुत ही मुश्किल कार्य तो हैं मगर असंभव नहीं. आपको अपने बच्चे के हर कार्य में रूचि लेनी शुरू करनी होगी. वो जो भी बात करे उसे ध्यान से सुने और उसको प्रोत्साहित भी करते रहें. जितना ज्यादा हो सके उसकी दिनचर्या को जाने मगर इसका मतलब ये नहीं है की आप उसके पीछे ही लगे रहें एक जासूस की तरह. अगर आपका बच्चा school जाना शुरू हो गया है तो आपको ये पता होना चाहिए की आपका बच्चा कौन सी class में पड़ता है और उसके teachers के क्या नाम हैं साथ उसके best friends कौन हैं. वो जब भी आपसे बात करे की आज मेरे दोस्त ने ऐसा किया आज वैसा किया. उसकी बातों में ख़ुशी जताकर ये दिखाएँ की आप उसकी बैटन में interest ले रही हैं. उसके school के काम में उसकी help करें मगर आप उसकी सिर्फ सहायता करें काम खुद न करें.

8. गहरी दोस्ती करें

अपने बच्चे पर किसी भी तरह के काम को थोपना छोड़ दें, जो बच्चे की मानसिकता के लिए बहुत हानिकारक है. आप हर बात को लेकर उसका बॉस बनना छोड़ दें और उससे दोस्ती करके अपने रिश्ते को मजबूत बनाएँ. अपने आप को ज्यादा ऊँचा दिखने के चक्कर में कहीं आप अपने बेटे की दोस्ती को न गवा बैठें. अपने आपको उसके बराबर या उससे भी निचा रखकर बात करें ताकि वो अपनी बातों को आसानी से आपके सामने रख सके.

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