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ध्यान कैसे करें – How To Do Meditation

दोस्तों आज हम आपको बताएँगे की ध्यान करना हमारे लिए कितना ज़रूरी है और इसके हमारे शरीर को कितने फायदे हैं. ध्यान को English में meditation भी कहते हैं. ध्यान करने का लक्ष्य मन की शांति और मन की एकाग्रता को प्राप्त करना होता है. वैसे तो ध्यान करने के और भी कई फायदे होते हैं. पुरातनकाल में ऋषि-मुनि ध्यान द्वारा ही भगवान तक पहुँच जाया करते थे. मगर उस तरह की अवस्था में पहुँचने की लिए किसी काबिल गुरु की आवश्यकता होती है. मगर अगर आप अपने प्रतिदिन की काम-काज से थोड़ा समय निकाकर meditation करते हैं तो आपको इसके बहुत से फायदे दिखने शुरू हो जाएँगे. ध्यान करने का मतलब है की आपने आप को समझना, अपने अन्दर खो जाना. आपको रोज़ाना 15-20 meditation करनी चाहिए. आईये ध्यान को विस्तार से जानते हैं.

Meditation

ध्यान करने के फायदे

नियमित रूप से ध्यान करना हमारे लिए बहुत ही लाभकारी है. हमें खुद तो रोजाना ध्यान करना ही चाहिए साथ ही अपने बच्चों और घर के अन्य सदस्यों को भी इसके फायदे बताकर इसे करने की सलाह देनी चाहिए. Meditation करने के हमारे शरीर को बहुत से लाभ होते हैं.

  • मन और शरीर की चंचलता एंव अस्थिरता को control करता है.
  • Nervousness और घबराहट को को दूर करता है.
  • आपके ज्यादा शर्मीलेपन को दूर करके आपके confidence को भी increase करता है.
  • आपके अन्दर हर काम को करने का एक नियम बनाकर और उसे पालन करने की शक्ति भी देता है.
  • आपके सोचने के दायरे का विकास करता है.
  • Stress को आपसे दूर रखता है.
  • कोई भी छोटी-मोटी बीमारी आपको आसानी से नहीं लगती.
  • गुस्से और चिडचिडेपन को दूर करता है.
  • Blood Pressure को normal करता है.

ध्यान के लिए तैयारी

1. किसी शांत स्थान को चुनें

आपको अपने ध्यान करने के लिए सहित माहोल चुनना बहुत ही अनिवार्य है. आपको ऐसी जगह को ध्यान के लिए चुनना चाहिए जहाँ पर ज्यादा चहलकदमी न हो ताकि आप disturb न हो सकें. आप चाहें तो इसके लिए आप अपने घर या फिर किसी park का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन उस समय ही ध्यान को करना होगा जब ज्यादा लोग आपके आस पास न हों.

2. आरामदेह कपड़े पहनें 

ध्यान की स्तिथि को सही बनाने के लिए आपको ऐसे कपड़े पहनने चाहिए जो आपको relax feel दे. अगर आप ज्यादा tight कपड़े पहनते हैं तो ये आपको ध्यान में पूरी तरह से concentrate नहीं करने देगा. अगर आप office में है और free time या break time में ध्यान करना चाहते हैं तो ध्यान को comfortable बनाने के लिए आप अपने purse को जेब से निकलकर belt और जूतों को उतार लें.

3. ध्यान करने का समय पहले ही निर्धारित कर लें

अपने समय को आपको सही ढ़ंग से निर्धारित करना होगा. आपको किस समय meditation करनी है और कितने समय के लिए meditation करनी है ये भी निर्धारित करना चाहिए. कुछ लोग सुबह, कुछ दोपहर और कुछ शाम के समय meditation करना पसंद करते हैं. वैसे हम आपको बताना चाहते हैं की रात के समय ध्यान सबसे ज्यादा असरकारक होता है. रात में 12 बजे से सुबह 3 बजे तक का समय सबसे एकांत वाला होता है. जिसमे पूरी सृष्टि सो रही होती है जैसे इंसान, जानवर इत्यादि. अगर आप इस समय में जागकर meditation करते हैं तो आपको भगवान् की कृपा ज्यादा प्राप्त होती है क्योंकि आप अपनी नींद को त्याग कर ध्यान कर रहे हैं.

शुरू के दिनों में आपको ध्यान 5 मिनट से start करना चाहिए और जैसे जैसे आप आगे बढ़ते जाएँगे इसकी सीमा को भी बढ़ाते जाएँ. आपको ये पता होना चाहिए की आपको कितने समय के लिए ध्यान करना है फिर उतना time अपने mobile या फिर watch में set करके alarm लगा लें ताकि आप बार-बार अपनी घड़ी की और देखकर अपने concentration को ख़राब न कर लें.

4. बैठने की मुद्रा आरामदायक रखें

ध्यान करने के लिए आपके बैठने की position सबसे ज्यादा matter करती है. अगर आपके बैठने की स्तिथि आरामदायक नहीं होगी तो आप ध्यान सही तरह से नहीं कर पाएँगे. ध्यान के लिए सबसे अच्छी मुद्रा है की आप ज़मीन पर दरी बिछाकर पद्मासन में बैठ जाएँ और अपनी दोनों आँखों को बंद करके अपने मन को एकाग्र करे. शुरू में आपको इस मुद्रा में बैठने में दिक्कत आएगी और आपकी पीठ दुखनी शुरू हो जाएगी या फिर आपका सर ढीला होकर झुकना शुरू हो जाएगा. वैसे आप चाहें तो इसे किसी भी स्तिथि में कर सकते हैं. आप अगर office में है तो कुर्सी पर बैठकर भी ध्यान लगा सकते हैं. सोते समय भी आप सोने से 10 मिनट पहले ध्यान को कर सकते हैं.

Meditation कैसे करें

1. सादी जीवन शैली को अपनाएँ 

आपको शाकाहारी और घर पर बना सामान्य भोजन ही खाना चाहिए. अपनी शारीरिक स्वच्छता का ध्यान रखें, हमेशा अपनी सोच सकारात्मक और अच्छी रखें, सद्गुणों को अपने जीवन में अपनाएँ और उनका पूरी निष्ठा के साथ पालन करे.

2. खुद को उस परमपिता के अंश के रूप में अनुभव कीजिए

इस संसार एक ही परमपिता द्वारा संचालित होता है, जिन्होंने अलग-अलग रूपों में, अलग-अलग धर्मों में जन्म लेकर लोगों को अपने होने अस्तित्व का ज्ञान बांटा है. हमें भी उस परमपिता को अपना पिता और अपने आपको उसका एक अंश मानकर उसका अपने मन में अनुभव करना चाहिए और उसका शुक्रिया करना चाहिए. साथ ही ध्यान में बैठने से पहले और उठने के बाद उस परमपिता से प्रार्थना करनी चाहिए की हमारा ध्यान सफल हो और हम अपने वास्तविक रूप को पहचान सकें.

3. अपने विचारो पर नियंत्रण रखें 

ध्यान करते समय आपके मन में कई तरह के विचार पैदा हो सकते हैं. आप घबराईये मत क्योंकि ऐसा सबके साथ होता है. विचारों का पीछा मत कीजिए वो आयेंगे और चले जाएँगे. अपने आप को उन विचारों में घुसने से रोकिये, धीरे-धीरे आपका मन विचारहीन हो जाएगा. हम ये नहीं कह सकते की आपके मन को विचारमुक्त होने में कितना समय लगेगा, ये सब आपकी इच्छाशक्ति पर निर्भर करता है और आप कितनी लगन, गंभीरता और सकारात्मक सोच के साथ ध्यान करते हैं उस पर निर्भर है.

4. एक बिंदु पर ध्यान केन्द्रित करें

मन को एकाग्र करने के लिए आपको एक बिंदु पर अपने विचार को स्थिर करना होता है. हम अगर किसी भी विधि से ध्यान पर रहे हैं, ये सबमें कहा गया है की आप अपनी दोनों आँखों को बंद करके अपनी दोनों भोहों (eyebrows) के मध्य बिंदु पर ध्यान केन्द्रित करें, किसी में कहा गया है की आप अपने मन को अपनी श्वास की गति पर एकाग्र करें और किसी में कहा गया है की आप आँखों के पीछे अंधकार को प्रकाश में बदलता देखने की कल्पना करें. इन सभी विधियों में एक बात का ध्यान रखें की आपके साँस लेने की क्रिया सामान्य होनी चाहिए, जानबुझ कर साँस न लें और न छोड़ें.

5. नियमित ध्यान करें

जैसे की हम रोज़ाना नियमिततौर पर खाना खाते हैं और बाकि दिनचर्या का पालन करते हैं वैसे ही ध्यान को करना भी नियमित होना चाहिए तभी हम ध्यान से होने वाले लाभों को अनुभव कर सकते हैं. अगर आप नियमित ध्यान करेंगे तो आपकी आदतों में और आपके विचारों में काफी बदलाव आएगा और आप एक सफल मनुष्य बनने का अनुभव कर पाएँगे. साथ ही रोज़ाना ध्यान करने से आपके लिए ध्यान की गहराईयों में उतरना आसन हो जाता है और आप जल्दी ही अपने ध्यान में प्रवेश कर लेते हैं बिना विचारों का पीछा किए.

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