Homeघरेलू उपाय

डेंगू के मरीज़ की देखभाल कैसे करें – Dengue Patient Care

Hi Friends, कैसे हैं आप सभी? आशा करता हूँ कि आप सारे ठीक होंगे? दोस्तों हमारे पिछले article में हमने “ मुँह के छालों का इलाज – Canker Sores treatment in Hindi” की पूरी जानकारी आपके साथ share की थी और ये बात बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि वो article मेरे बाकि articles में मुकाबले में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला article बन गया है. आप सबसे प्यार के लिए आपका धन्यवाद दोस्तों. आज हम आपके लिए जो आर्टिकल लेकर आए है वो है “डेंगू मरीज़ की देखभाल कैसे करें – Dengue Patient Care”. दोस्तों आजकल किसी भी भी डेंगू हो सकता है. डेंगू होने का सबसे बड़ा कारण dengue virus होता है जोकि ज्यादातर मच्छर के काटने से होता है. यह बीमारी ज्यादतर दक्षिण पूर्वी एशिया, पश्चिमी पैसिफिक, मध्य और दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका में ज्यादा होती है. इस जगहों पर जाने से लोगों को ये बीमारी हो जाती है और इन जगहों के जो ग्रामीण इलाके हैं वहां तो डेंगू संक्रमण होने की सम्भावनाएँ और भी ज्यादा बढ़ जाती है. Dengue होने के पहचान करना बहुत ही आसन है इसके लक्षण ये हैं कि इसमें तेज सिरदर्द, तीव्र बुखार, जोड़ों में दर्द या बदनदर्द बहुत करता है. वैसे तो डेंगू को ठीक करने के बहुत से उपाय हैं. उनमे से कुछ हम आपके साथ साँझा कर रहे हैं. (Dengue Ke Marij Ki DekhBhal Kaise Kare)

डेंगू के मरीज़ की देखभाल कैसे करें - Dengue Patient Care

डेंगू के Patient का ख्याल – Dengue Ke Patient Ka Khayal

1. इन्क्यूबेशन अवधि का ख्याल रखें 

इस बात को हमेशा याद रखें की अगर आगर आपको dengu हो गया है तो इसका तुरंत कभी नहीं पता लगता. डेंगू होने के 5-6 दिन में इसके लक्षण दिखने शुरू होते हैं. ये लक्षण ज्यादर लोगों के शरीर में 3 से 10 दिन तक रहते हैं.

2. व्यक्ति के गंभीर लक्षणों के संकेत पर ध्यान 

डेंगू दो तरह के होते है एक में तो लक्षण काफ़ी normal होते हैं मगर दुसरे के लक्षण काफ़ी गंभीर होते हैं. Normal लक्षण वाले डेंगू में आस्कर बहुत तेज़ बुखार आना 104 डिग्री तक और चकत्ते होना जिनसे face लाल हो जाता है और ये चकत्ते हाथों, पैरों, छाती या पीठ पर हो जाते हैं. इस डेंगू का और और विशेष लक्षण है की इसमें पुरे बदन में दर्द का अनुभव होता है और सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या कम हो जाती है.

  • गंभीर लक्षण वाले डेंगू में पेट में तीव्र दर्द, पेट और फेफड़ों में तरल पदार्थ का जमाव होना. इसके इलावा इस डेंगू के और भी लक्षण हैं जैसे मसूड़ों, नाक और कई बार तो आँखों से खून और बेचैनी बनी रहती है.
  • अगर आपको इन दोनों डेंगू में से किसी के भी लक्षण अपने अंदर या फिर अपने किसी दोस्त या relative में दिखाई देते हैं तो आप सही समय पर अपना इलाज किसी अच्छे से doctor से करवाएँ.

3. क्या मरीज़ को तीव्र डेंगू है 

इस बात को पक्का confirm कर लें कि क्या मरीज़ को सच में तीव्र डेंगू है या नहीं. तीव्र डेंगू के कुछ लक्षण जो ये बतायेंगे की आप सच में डेंगू के शिकार है. पेशाब में खून आना, बेहोश होना और High Blood Pressure हो जाना.

4. अस्पताल से Checkup करवाएँ 

हमने जो भी डेंगू होने की निशानियाँ बताई है अगर आपमें उनमे से एक भी दिखाई देती है तो तुरंत doctor से मिले अगर इनमे से कोई symptoms नहीं भी दिख रहे फिर भी आपको doctor से एक बार checkup करवा लेना चाहिए अगर आपको शक है.

5. उपचार और देखभाल कहाँ करना है 

अगर तीव्र लक्षण वाला डेंगू है फिर तो हम आपको यही सलाह देंगे की आप अपना इलाज किसी अच्छे से hostipal से ही करवाएं. घर पर इलाज तभी हो सकता है अगर वो इनमें से कोई संकेत उसमे न हो और रोगी हर 6 घंटे में पेशाब कर पाने के काबिल हो और रोगी अपने मूँह से तरल ले पा रहा हो. हम आपको ये भी बताना चाहते हैं की हम जो आपको बताने जा रहे है वो डेंगू का इलाज नहीं बल्कि जो लक्षण आपमें हो रहें है उनका इलाज है अगर आपको डेंगू नहीं है फिर आपमें ये इलाज असर करेंगे.

डेंगू के रोगी का ध्यान कैसे रखें – Dengue Ke Rogi Ka Dhyan Kaise Rakhe

1. मच्छर मुक्त वातावरण बनाएं 

अगर आप डेंगू के रोगी का इलाज घर पर कर रहे हैं तो आपके लिए सबसे जरुरी बन जाता है की आप मच्छरों के सम्पर्क में न आएँ. मच्छरों की वजह से ये सक्रमण एक व्यक्ति से दुसरे को लग सकता है. आपको अपने घर पर मच्छरों की रोकथाम के उपाय करने होंगे.

  • अपने घर के खिड़की और दरवाज़ों को ठीक तरह से बंद कीजिए
  • सोते समय मछर दानी use करें.
  • हमेश पुरे कपड़े पहने half बाजू की shirt और निकर और कैपरी को avoid करें.
  • अपनी खुली त्वचा पर आप मोस्कीटो रिपेलेंट लगाएँ जोकि आपको मच्छरों के काटने से छुटकारा दिलाएगी और मच्छर आपको नहीं काटेंगे. इस बात का अवश्य ध्यान रखें की पहले अपने आप इस cream को लगाएँ उसके बाद बच्चों की skin पर लगाएँ. 2 महीने से छोटे बच्चों को मॉस्कीटो रिपेलेंट न लगाएँ.
  • अपने घर पर और आसपास सफाई का विशेष ध्यान दें इस बात पर भी ज़रूर ध्यान दें कि आपके आस पास या घर पर पड़ी पुरानी चीज़ों में पानी तो नहीं रुक रहा है. जिससे की मच्छर पनपने के chance बढ़ जाते हैं.

2. मरीज़ को खूब आराम करने दीजिए 

डेंगू से शरीर में काफी थकावट महसूस होती है और पूरा दिन सुस्ती छाई रहती है. कोशिश कीजिए की रोगी धीरे-धीरे अपने दैनिक कार्यों को करना शुरू कर दे खासतौर पर उपाए के समय. लेकिन इस बात का भी ध्यान दें की आपको आराम की सख्त जरुरत है तो खूब आराम लें. जिससे की आपको अपने आपको ठीक करने में मदद मिलेगी.

3. मरीज़ को पेरासिटामोल (Paracetamol) की दवाई दें

  • आप रोगी को paracetamol की दवाई दे सकते हैं जिससे की बुखार में काफी आराम मिलेगा. आप सिर्फ एक समय में 325 से 500 मिलीग्राम की ही गोली मरीज़ को दे सकते है और एक दिन में 3 बार ही गोलियां देना काफी है.
  • रोगी व्यक्ति को एस्पिरिन, आइबूप्रोफेन (ibuprofen) या कोई और NSAID की दवाइयां न दें. क्योंकि इससे उस व्यक्ति के blood का flow increase होने के chances बढ़ जाते हैं.

4. मरीज़ को Liquid चीज़ें दें

  • रोगी को आप पानी, ताज़े फलों का फ़्रेश जूस या फिर ORS का घोल दीजिए जिससे की आपको मितली आना या बुखार आने में राहत मिलेगी.
  • अगर आप ज्यादा तरल लेंगे तो इससे आपकी तबियत जल्दी ठीक होती है और hospital जाने की नोबत नहीं आएगी.
  • खुलकर पानी पिएँ. एक normal व्यक्ति को जिसकी उम्र 18 से 35 वर्ष है उसे एक दिन में 2-3 लीटर पानी पीना जरुरी है.
  • पपीते का juice और कीवी फ्रूट खाना भी ऐसे में आप रोगी व्यक्ति को दे सकते है जिसके की प्लेटलेट की संख्या में वृद्धि होती हैं. अपने प्लेटलेट को बढ़ाने का सबसे बढ़ा उपाए है बकरी का दूध.

Comments (0)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *